मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सेतलवाड़ को 5 दिन की रिमांड पर भेजा गया!

रुक्मिणी सेन रुक्मिणी सेन
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मानवाधिकार कार्यकर्ता, गुजरात दंगों के पीड़ितों की न्याय की लड़ाई में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली, सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस की संस्थापक तीस्ता सेतलवाड़ को अहमदबाद में घी कांटा मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। तीस्ता सेतलवाड़ को शनिवार को गुजरात एटीएस ने मुंबई से हिरासत में लिया था और अल-सुबह उनको लेकर अहमदाबाद – क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंची थी। हालांकि इसमें एक सवाल ये है कि तीस्ता को गिरफ्तार करने के लिए एटीएस की टीम भेजी गई, लेकिन मामला क्राइम ब्रांच में ही दर्ज किया गया है। ख़बर की बात करें तो सुबह को तीस्ता को अदालत में लेकर जाया गया क्योंकि 24 घंटे से अधिक समय तक, किसी को भी पुलिस हिरासत में बिना मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए नहीं रखा जा सकता है।

सुबह 6 बजे क्राइम ब्रांच, अहमदाबाद के दफ्तर पहुंची तीस्ता की माने तो उनको अवैध तरीके से गिरफ्तार किया गया। उनको पुलिस ने एफआईआर की कॉपी तो दी लेकिन वारंट नहीं दिखाया। यही नहीं तीस्ता के घर में एटीएस पर अवैध तरीके से दरवाज़ा तोड़कर घुसने और उनसे दुर्व्यवहार करने का भी आरोप है। एटीएस एक एक अफ़सर ने कथित तौर पर तीस्ता के पत्रकार मित्र से दुर्व्यवहार की शिकायत करने पर, तीस्ता से गाली-गलौज से बात की। यही नहीं,  तीस्ता ने सांताक्रूज़ थाने में अहमदाबाद ले जाए जाने से पहले, इस हिरासत को अवैध और अपहरण जैसी स्थिति बताते हुए, लिखित शिकायत दी थी।

मुंबई से निकलते ही तीस्ता ही नहीं, उनके साथ के लोगों और साथ जा रहे पत्रकारों के भी मोबाइल पुलिस ने ज़ब्त कर लिए। ये मोबाइल फोन उनको देर रात वापस किए गए, जब इस बारे में गुजरात की सीमा के पास, बिना पंचनामे के फोन सीज़ किए जाने की शिकायत दर्ज करवाई गई।

सुबह तीस्ता को पहले कोविड टेस्ट और मेडिकल के लिए ले जाया गया। इसके बाद अदालत में तीस्ता ने मजिस्ट्रेट के सामने शिकायत की कि उनके साथ हुई धक्कामुक्की में लगी चोटों का मेडिकल में संज्ञान नहीं लिया गया है। बताया जा रहा है कि उनके हाथ के ऊपरी हिस्से पर चोट का काला निशान था। इसके बाद अदालत ने दोबारा उनको मेडिकल के लिए भेजा और उसके बाद पुनः कार्रवाई शुरू हुई। शाम 7.30 बजे के आसपास, तीस्ता को घीकांटा मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने 5 दिन की पुलिस हिरासत में, 2 जुलाई तक के लिए भेजने का आदेश दिया है।

तीस्ता की सुप्रीम कोर्ट में, 2002 के गुजरात दंगों को लेकर दाखिल की गई याचिका के खारिज हो जाने के अगले ही दिन, गुजरात एटीएस ने ये कार्रवाई की है। उनके ऊपर एफआईआर आईपीसी की धाराओं 468, 471, 194, 211,218, 120 (बी) के तहत दर्ज की गई है। तीस्ता के साथ रिटायर्ड आईपीएस आरबी श्रीकुमार को भी हिरासत में लिया गया है और इन्हीं धाराओं में एफआईआर की गई है।

अहमदाबाद से मीडिया विजिल के लिए रुक्मिणी सेन की रिपोर्ट


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