‘लव जेहाद’ पर बजरंग दल की धमकी का नृत्य प्रतिवाद- जब प्यार किया तो डरना क्या !

कथक नृत्यांगना अवनी सेठी ने अहमदाबाद की सड़कों पर अपने हुनर का एक टुकड़ा इसलिए पेश किया ताकि समाज में सांप्रदायिक ज़हर फैलाने वालों के इरादे टुकड़े-टुकड़े हो सकें। अवनी का यह प्रतिवाद बताता है कि संवेदनशील लोग अपने समय को लेकर कितने चिंतित हैं और अब चुप रहना बरदाश्त के बाहर है।

पिछले दिनों अहमदाबाद की तमाम सड़कों पर बजरंग दल की ओर से दीवालों पर लिखा गया—हिंदू लड़कियों लव जेहाद से सावधान ! और अवनी ने ऐसी ही पोती गई तमाम दीवारों के सामने जाकर मुग़ले आज़म के मशहूर गीत -जब प्यार किया तो डरना क्या ?..पर कथक किया।

लॉ गार्डेन,एच.के.आर्ट्स कॉलेज, रिफ़ॉर्म क्लब, नेताजी मार्ग और पंचवटी पर यह नृत्यप्रतिवाद दर्ज किया गया। अख़बारों में छपी ख़बरों के मुताबिक अवनी ने कहा कि बजरंग दल जिस तरह खुलेआम शहर की मुख्य सड़कों पर धमकियाँ लिखवा रहा है यह उसी राजनीति का नतीजा है हो भय फैलाती है।

अवनी का कहना है कि उसका नृत्य करना इस बात का खुला ऐलान है कि अगर हम प्रेम करते हैं तो हमें डरने की ज़रूरत नहीं है। अगर हम प्रेम करेंगे तो निर्भय होकर करेंगे।

अवनी का यह कदम एक नेपाली गीत की याद दिलाता है-

गाँव-गाँव से उठो, बस्ती-बस्ती से उठो

इस देश की सूरत बदलने के लिए उठो

हाथ में जिसके क़लम हो, क़लम को ले के उठो

बाजा बजाना जानने वालों, बाजा ले के उठो

पास में जिसके कुछ भी ना हो, आवाज़ ले के उठो

गाँव-गाँव से उठो…

 

देखिए, इस नृत्य प्रतिवाद की एक झलक-

First Published on:
Exit mobile version