दिल्ली धरनों पर 30 जून को ‘हूल क्रांति दिवस’, मिल्खा सिंह की याद में होगी दौड़

संयुक्त किसान मोर्चा प्रेस नोट (206वां दिन, 20 जून 2021)

 

किसान आंदोलन दिल्ली की सीमाओं पर लगभग सात महीने के विरोध प्रदर्शन को पूरा करने वाला है,और कुंडली और सिंघू, पलवल, शाहजहांपुर, टिकरी सीमा और बहादुरगढ़ तथा अन्य स्थानों पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दिए जा रहे भरपूर समर्थन के बल पर संभव हो पाया है। स्थानीय क्षेत्रों में ग्रामीण और खाप प्रदर्शनकारियों का यथासंभव समर्थन कर रहे हैं। मोर्चा भी स्थानीय लोगों की चिकित्सा सहायता के साथ अन्य कई तरह की सहायता प्रदान कर रहा है ।

एसकेएम ने 30 जून को सभी सीमाओं पर ‘हूल क्रांति दिवस’ मनाने का निर्णय लिया है। उस दिन आदिवासी क्षेत्रों के सदस्यों को धरना स्थलों पर आमंत्रित किया जाएगा।

एसकेएम ने सुकमा और बीजापुर जिलों की सीमा पर अवस्थित गांव सेलेगर के आदिवासियों को अपना पूरा समर्थन दिया है, जो क्षेत्र में सीआरपीएफ शिविर स्थापित करने के सरकार के फैसले के खिलाफ लड़ रहे हैं। यह भूमि संविधान की पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आती है और भूमि को ग्राम सभा के किसी रेफरल/निर्णय के बिना लिया जा रहा है। एसकेएम ने 17 मई को विरोध प्रदर्शन करने वाले आदिवासियों पर पुलिस फायरिंग की जोरदार निंदा की है जिसमें तीन आदिवासियों की मौके पर ही मौत हो गई, एक घायल गर्भवती आदिवासी की मौत बाद में हो गई, 18 अन्य घायल हो गए और अभी तक 10 लापता हैं।

17 जून को टिकरी सीमा पर आत्महत्या की घटना में आरएसएस/भाजपा नेताओं द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार पर एसकेएम ने गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में उपलब्ध वीडियो सहित अन्य तथ्य एसकेएम नेताओं द्वारा कल एसपी झज्जर को प्रस्तुत किए गए हैं और एसकेएम ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसकेएम ने किसानों के आंदोलन को दोष देने और चल रहे शांतिपूर्ण किसान आंदोलन की छवि खराब करने की कोशिश करने के लिए भाजपा नेताओं और उसके आईटी सेल की निंदा की है। टिकरी सीमा समिति पहले ही स्पष्टीकरण जारी कर चुकी है।

एसकेएम ने हरियाणा में भाजपा/जजपा नेताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन जारी रखने और 21 जून को इन नेताओं के प्रवेश का विरोध करने का फैसला किया है जब सरकार 1100 गांवों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की योजना बना रही है।

एसकेएम ढांसा सीमा पर 50 से अधिक एसकेएम प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज आधारहीन प्राथमिकी और झज्जर पुलिस द्वारा एक नेता की गिरफ्तारी की निंदा करता है। एसकेएम ने मामले को तत्काल वापस लेने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो इन झूठे मामलों और गिरफ्तारियों के खिलाफ स्थानीय विरोध तेज किया जाएगा।

एसकेएम ने एआईकेएम के विकलांग सदस्य और उसके परिवार को रिहा करने की मांग की है, जिन्हें सोनभद्र पुलिस ने 26 मई को प्रशासन को एक ज्ञापन देने के लिए प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने के बाद उठाया था। इसने इस अमानवीय यातना और झूठे निहितार्थ की निंदा की है।

झारखंड की राज्य भाजपा इकाई किसानों के लाभकारी मूल्य और खरीद के लिए आंदोलन करती रही है। विडंबना यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा किसान आंदोलन की इस बुनियादी मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है।

जीटी रोड जिलों से एआईकेएस, एआईएडब्ल्यूयू और सीटू के कार्यकर्ताओं का एक बड़ा दल आज सिंधू सीमा मोर्चा पहुंचा। इसी तरह और अनेक प्रदर्शनकारी गाजीपुर बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर स्थलों पर भी पहुंच रहे हैं.

टिकरी बॉर्डर पर स्वर्गीय श्री मिल्खा सिंह को समर्पित एक दौड़ का आयोजन किया जाएगा।

जारीकर्ता – बलबीर सिंह राजेवाल, डॉ दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चारुनी, हन्नान मोल्ला, जगजीत सिंह दल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहन, शिवकुमार शर्मा ‘कक्काजी’, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव

संयुक्त किसान मोर्चा
*9417269294, samyuktkisanmorcha@gmail.com

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