नये कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों की दिल्ली घेरेबंदी के साथ शुरू हुए आंदोलन के 107 दिन हो रहे हैं, लेकिन सरकार का दावा है कि ऐसा नासमझी की वजह से हो रहा है। उधर, किसान न सिर्फ़ कृषि क़ानूनों के ख़तरे को अच्छी तरह समझ रहे हैं, बल्कि समझा भी रहे हैं। देश भर में हो रही किसान पंचायतें इसकी मिसाल हैं जिनमें भारी भागीदारी हो रही है।
बहरहाल, इस सिलसिले में पत्रकार-कार्टूनिस्ट सोरित गुप्तो ने एक चित्रकथा या कार्टून शृंखला बनायी है जिससे कृषि क़ानून और सरकार कि इरादों को अच्छी तरह समझा जा सकता है। इस कार्टून कथा को देखने के लिए नीचे के लिंक पर क्लिक करें–
