प्रियंका की हुंकार: बीजेपी के गुंडों और उनकी सरपरस्त सरकार को शिकस्त देंगी महिलाएँ!

तीन दिन के लखनऊ प्रवास पर आयीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने सबको चौंकाते हुए आज सुबह लखीमुपर खीरी कूच कर दिया। वहाँ वे पसगँवा पहुँचीं जहाँ ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान हुई हिंसा और महिला उत्पीड़न की तस्वीरें राष्ट्रीय सुर्खियाँ बनी थीं। प्रियंका गाँधी ने रीतू सिंह और अनिता यादव से मुलाक़ात कर उनके सम्मान के लिए संघर्ष का वादा किया।

तीन दिन के लखनऊ प्रवास पर आयीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने सबको चौंकाते हुए आज सुबह लखीमुपर खीरी कूच कर दिया। वहाँ वे पसगँवा पहुँचीं जहाँ ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान हुई हिंसा और महिला उत्पीड़न की तस्वीरें राष्ट्रीय सुर्खियाँ बनी थीं। प्रियंका गाँधी ने रीतू सिंह और अनिता यादव से मुलाक़ात कर उनके सम्मान के लिए संघर्ष का वादा किया।

प्रियंका गाँधी के साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, कांग्रेस विधायक दल की नेता अराधना मिश्र सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता प्रियंका गाँधी के इस अचानक दौरे से ख़ासे उत्साहित दिखे।

आरोप है कि रीतू सिंह और अनिता यादव पर भाजपा के लोगों ने हमला किया था। योगी सरकार ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव को निर्विरोध जीतने की जो रणनीति बनायी थी उसके तहत प्रशासन और पार्टी के लोग विपक्षी प्रत्याशियों और प्रस्तावकों को नामांकन ही नहीं करने दे रहे थे।  अनिता यादव और रीतू सिंह भी इसी शातिर चाल का शिकार हुई थीं। नामांकन केंद्र की ओर बढ़ने के क्रम में उनके साथ बेहूदगी की गयी, उनकी साड़ी तक खींच दी गयी।

प्रियंका गाँधी ने दोनों पीड़ितों से विस्तार से घटना की जानकारी ली और उन्हें आश्वासन दिया कि उनके समेत सभी महिलाओं के सम्मान की लड़ाई में कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।

 

ग़ौरतलब है कि ब्लॉक प्रमुख चुनाव में यूपी में जमकर हिंसा हुई थी। ख़ासतौर पर महिलाओं के साथ बेअदबी की ख़बरें देश भर में चर्चा का विषय बनी थीं।

प्रियंका गाँधी ने पीड़ितों से मुलाक़ात के बाद योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ब्लाक प्रमुख चुनाव में जो कुछ हुआ उसे लेकर वे चुनाव आयोग को पत्र लिखेंगी। यही नहीं, उन्होंने बीजेपी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यूपी की महिलाएँ बीजेपी के गुंडों और उनकी सरपरस्त सरकार को शिकस्त देंगी।

प्रियंका गाँधी ने इस सिलसिले में 12 जुलाई को फ़ेसबुक पर विस्तार से लिखते हुए योगी सरकार पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने यूपी में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में मिली जीत पर यूपी बीजेपी को बधाई देने के लिए  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ख़ासतौर पर आड़े हाथों लिया था। उन्हों ने लिखा था कि-

.क्या बधाई देने वाले प्रधानमंत्री जी को नहीं पता था कि उनके कार्यकर्ताओं ने किस तरह से महिलाओं की साड़ियाँ खींची और उनसे मार-पीट, धक्का-मुक्की की?
• क्या बम, गोली और पत्थर चलाने के भाजपाई कारनामे प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी की निगरानी में हुए?
• क्या पुलिस प्रशासन को मार खाने के बाद भी चुप रहने को कहा गया था और क्या प्रशासन को साफ़ इशारा था कि सब कुछ देखते हुए भी आँखें मूँद लेना है?
• क्या भाजपा जान चुकी है कि उसके अंतिम दिन अब क़रीब हैं, इसलिए भारी हिंसा के ज़रिए लोकतंत्र के चीरहरण में व्यस्त है?

इसके साथ ही प्रियंका गाँधी ने वे तस्वीरें भी पोस्ट की थीं जिसमें महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा साफ़ नज़र आ रही थी। आज उन्हीं महिलाओं से मुलाक़ात करके प्रियंका गाँधी ने साफ़ कर दिया है कि वे यूपी को लेकर बेहद गंभीर हैं और आने वाले दिनों में पार्टी को संघर्ष के उस पायदान पर पहुँचाना चाहती हैं कि 2022 विधानसभा चुनाव में उसे गंभीर दावेदार माना जाये। देखा जाये तो बीते दो सालों से प्रियंका खुद ज़मीन पर उतर कर संघर्ष करती नज़र आ रही हैं।
चाहे प्रयागराज में निषादों के उत्पीड़न का सवाल हो , चाहे हाथरस कांड हो या फिर लखीमपुर में महिलाओं का उत्पीड़न, प्रियंका ख़ुद जाकर लोगों का दुखदर्द बाँटती हैं। राजनीतिक पंडितों के लिए ये बड़ी गुत्थी है कि जहाँ अखिलेश यादव या मायावती को होना चाहिए, वहाँ प्रियंका क्यों दिख रही हैं और लगातार दिख रही हैं, जबकि उनकी नज़र में यूपी में कांग्रेस काफ़ी कमज़ोर स्थिति में है।
नीचे पढ़िये प्रियंका गाँधी की फ़ेसबुक पोस्ट-

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