मुज़फ़्फ़रपुर में किसानों पर VHP का हमला निंदनीय, 18 फरवरी को रेल रोकेंगे- संयुक्त किसान मोर्चा

मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के सभी बॉर्डर पर चल रहा किसानों का आंदोलन 85 वें दिन भी जारी रहा। इसके साथ ही कृषि कानूनों के खिलाफ किसान महापंचायतों का दौर भी जारी रहा। वहीं मुजफ्फरपुर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने हमला किया है।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ (SKM) ने मुजफ्फरपुर में एआईकेकेएमएस द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर विश्व हिंदू परिषद के गुंडों द्वारा किये गए हमले की निंदा की है। किसानों के बैनर, प्लेकार्ड और साउंड सिस्टम को हमलावरों ने भारी नुकसान पहुंचाया है। किसान मोर्चे ने हमले के दौरान पुलिस की निष्क्रियता की भी निंदा की है।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ हरियाणा, यूपी, पंजाब और राजस्थान के नेताओं व अन्य लोगों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक को भी संज्ञान में लिया। ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा कि यह स्पष्ट है कि बीजेपी चल रहे संघर्ष की मांगों को हल करने के बजाय, उसका मुकाबला करने और उसे नष्ट करने की पूरी कोशिश कर रही है। ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ सत्ता पक्ष के इस रवैये की निंदा करता है और मांग करता है कि सरकार बिना किसी और देरी के किसानों के मुद्दों को तुरंत हल करे। ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ का मानना ​​है कि यह संघर्ष और भी तेज होगा और इसके समर्थन में अधिक किसान जुटेंगे।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कल 18 फरवरी को देशभर में रोल रोको कार्यक्रम में सभी से शांति पूर्वक प्रदर्शन की अपील की है। दोपहर 12 से 4 बजे तक रेल रोकने का कार्यक्रम है जिसमें देशभर से समर्थन मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद के बिलारी में आज आयोजित एक किसान महापंचायत में, किसानों की प्रभावशाली भागीदारी ने संकेत दिये हैं कि किसान आंदोलन दिन प्रति दिन और अधिक ताकत ताकत से आगे बढ़ रहा है। इस महापंचायत के मुख्य वक्ताओं में मेधा पाटकर, गुरनाम सिंह चढूनी, तेजिंदर सिंह विर्क, हरपाल सिंह बिलारी और अन्य किसान नेता शामिल थे।


‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की ओर डॉ दर्शन पाल द्वारा जारी

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