तू डाल-डाल, मैं पात-पात : यूपी सरकार को कांग्रेस ने सौंपी हज़ार बसों की सूची

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांघी के प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए एक हजार बसे चलाने के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकार कर लिए जाने के बाद कांग्रेस ने सोमवार को ही बसों की सूची सरकार को दे दी. प्रियंका गांधी के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने प्रियंका गांधी के निजी सचिव से बसों की सूची और ड्राइवर आदि का विवरण मांगा था. जिसे प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने ईमेल के जरिये सरकार को भेज दिया. 

प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को लिखे पत्र में कहा है कि 1 हज़ार बसों की सूची एक ईमेल के द्वारा भेज दी गयी है. साथ ही कुछ अन्य चालकों का सत्यापन करके कुछ ही घंटों में उनकी जानकारी भी भेज दी जाएगी. आशा है कि आप जल्द से जल्द इन बसों के लिए अनुमति पत्र उपलब्ध करा देंगे. पत्र में संदीप सिंह ने कहा है कि आशा है कि आप कल से ही इन बसों का संचालन कराके इन्हें शुरू करवा देंगे. और इन बसों के रूट की पूरी जानकारी और समयसारिणी जन साधारण को उपलब्ध करवा देंगे.

योगी सरकार को बसों की लिस्ट भेजने के बाद यूपी कांग्रेस ने ट्वीट के जरिये लिस्ट जारी की. यूपी कांग्रेस ने ट्वीट में कहा गया है कि “लिस्ट गई है. आज श्रमिकों के लिए प्रियंका जी के प्रयासों से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. आशा है कि श्रमिकों को घर भेजने का महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा.”

दरअसल सोमवार को आखिरकार उत्तर प्रदेश सरकार को कांग्रेस महासिचव प्रियंका गांधी के दबाव के आगे झुकना पड़ा. योगी सरकार ने प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस को बसें चलाने की अनुमति दे दी. यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रियंका गांधी के निजी सचिव को पत्र के जरिये यह जानकारी दी.

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने पत्र में कहा है कि कृपया माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा के पत्र 16 मई, 200 का सन्दर्भ लेने का कष्ट करें. इस संबंध में आपसे कहना है कि प्रवासी मजदूरों के सन्दर्भ मे आपके प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है. अतएव अविलंब एक हजार बसों की सूची, चालक-परिचालक का नाम व अन्य विवरण सहित उपलब्ध कराने का कष्ट करें जिससे इनका उपयोग प्रवासी श्रमिकों की सेवा में किया जा सके.

यूपी सरकार से बस चलाने की अनुमति मिलने के बाद प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा है. प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में कहा कि “योगी आदित्यानाथ जी महामारी के समय इंसान की जिंदगी को बचाना, गरीबों की रक्षा करना, उनकी गरिमा की हिफाजत करना हमारा नैतिक दायित्व और अधिकार है. कांग्रेस इस कठिन समय में अपनी पूरी क्षमता और सेवाव्रत के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रही है. ये बसें हमारी सेवा का विस्तार हैं. हमें उप्र में पैदल चलते हुए हजारों भाई-बहनों की मदद करने के लिए, कांग्रेस के खर्चे पर 1000 बसों को चलवाने की इजाजत देने के लिए आपको धन्यवाद.

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि “आपको उप्र कांग्रेस की तरफ से मैं आश्वस्त करती हूँ कि हम सकारात्मक भाव से महामारी और उसके चलते लॉकडाउन की वजह से पीड़ित उप्र के अपने भाई-बहनो के साथ इस संकट का सामना करने के लिए खड़े रहेंगे”

दरअसल कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी लगातार यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक हज़ार बसें चलाने की इजाज़त मांग रही थीं. रविवार को कांग्रेस की ओर से मज़दूरों को यूपी के गाँव-गाँव पहुँचाने के लिए 500 बसें बहज गोवर्धन बार्डर पर पहुंच भी गईं थी. लेकिन मथुरा जिला प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के चलते ये बसों बार्डर पर खड़ी रहीं.

इसके पहले आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गाजियाबाद के रामलीला मैदान में जुटे प्रवासी मजदूरों का वीडियो ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा था. प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में कहा “प्रवासी मजदूरों की भारी संख्या घर जाने के लिए गाजियाबाद के रामलीला मैदान में जुटी है. यूपी सरकार से कोई व्यवस्था ढंग से नहीं हो पाती. यदि एक महीने पहले इसी व्यवस्था को सुचारू रूप से किया जाता तो श्रमिकों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती. कल हमने 1000 बसों का सहयोग देने की बात की, बसों को उप्र बॉर्डर पर लाकर खड़ा किया तो यूपी सरकार को राजनीति सूझती रही और हमें परमिशन तक नहीं दी. विपदा के मारे लोगों को कोई सहूलियत देने के लिए सरकार न तो तैयार है और कोई मदद दे तो उससे इंकार है.

रविवार को ही प्रियंका गांधी ने वीडियो संदेश के जरिये भी यूपी के मुख्यमंत्री से बसों की परमीशन देने की अपील की है. प्रियंका गांधी ने कहा था कि- “आदरणीय मुख्यमंत्री जी, मैं आपसे निवेदन कर रही हूँ, ये राजनीति का वक्त नहीं है. हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी हैं. हजारों श्रमिक, प्रवासी भाई बहन बिना खाये पिये, पैदल दुनिया भर की मुसीबतों को उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं. हमें इनकी मदद करने दीजिए. हमारी बसों को परमीशन दीजिए.

 

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