मुसहरों पर अत्याचार में STF व मुन्ना यादव गिरोह का हाथ, आज खगड़िया बंद का आह्वान

खगड़िया में महादलितों की झोपड़ियां जलाने के पीछे एसटीफ व अपराधी ताकतों का गठजोड़ काम कर रहा है. खगड़िया का यह इलाका पूरी तरह से अपराधियों के चंगुल में है. अपराधी गिरोहों को जदयू की स्थानीय विधायक पूनम यादव व उनके बाहुबली पति रणवीर यादव का संरक्षण हासिल है. भाजपा-जदयू राज में इन अपराधियों का मनोबल एक बार फिर से सर चढ़ कर बोल रहा है. भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी (मार्क्‍सवादी-लेनिनवादी) के एक जांच दल ने इलाके का दौरा कर के अपना यह निष्‍कर्ष दिया है।

भाकपा-माले के विधायक सुदामा प्रसाद, अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के राज्य सचिव गोपाल रविदास, खगड़िया के पार्टी जिला संयोजक अरूण दास, खेमस नेता बेचन सदा, दिलीप मुखिया और प्राण शर्मा ने 22 अक्‍टूबर को घटनास्थल का दौरा कर मामले की संपूर्णता में जांच की.

हालिया प्रकरण में अपराधियों ने 82 घरों में आग लगा कर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया जिसमें 79 घर मुसहर समुदाय के व 3 घर कुम्हार जाति के गरीबों के हैं. तकरीबन 80 लाख की संपत्ति नष्ट हो गयी है. 13 बकरी, 1 गाय व 1 भैंस इसमें जल कर राख हो गए. जांच दल के मुताबिक यह घटना 18 अक्टूबर को मुन्ना यादव गिरोह द्वारा रात के 9 बजे हमला कर अंजाम दी गई।

एक दिन पहले 17 अक्टूबर की सुबह साढ़े पांच बजे पटना से मुन्ना यादव एसटीएफ के जवानों को लेकर छमसिया पहुंचा था. इसकी सूचना न थाने को थी और न ही स्थानीय चौकीदार को. स्थानीय लोगों ने बताया कि एसटीएफ ने सुबह-सुबह ही गांव में छापेमारी कर दी और लोगों का गहना-जेवर लूट लिया तथा फिर आने की धमकी दी. एसटीफ ने गांव के चार लोगों- अमन सदा, संतोष सदा, सुमित पंडित व देवेन्द्र चौधरी तथा बगल के गांव अमौसी से मछली लेने आए दो अन्य लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया. उसने ग्रामीणों पर दो देसी राइफल व एक पिस्तौल की बरामदगी का झूठा आरोप भी लगा दिया है.

मुन्ना यादव व छमसिया के अंगद सिंह के बीच लंबे समय से लड़ाई चल रही है. मुन्ना यादव का आरोप है कि छमसिया के अन्य लोग अंगद सिंह का समर्थन करते हैं व उसे आश्रय देते हैं, इसलिए उन्हें सबक सिखाने के लिए यह हमला किया गया है.

खगड़िया से घटनास्थल की दूरी महज 17 किमी है, लेकिन वहां तक पहुंचने में काफी वक्त लगता है। तीन बार नदियां पार करने, दो बार ट्रैक्टर से व तीन राउंड पैदल चलने के उपरांत घटनास्थल तक पहुंचा जा सका. टीम के मुताबिक ऐसी स्थिति अपराधियों के फलने-फूलने के लिए सबसे उपयुक्‍त होती है। अपराधियों की ताकत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इनके डर से मोरकाही स्थित थाने को मारर में स्थानांतरित करना पड़ा. बगल के विधानसभा अलौली से लोजपा नेता व अभी बिहार सरकार में मंत्री पशुपति कुमार पारस लंबे समय से विधायक-मंत्री रहे हैं, लेकिन इलाका अभी भी पूरी तरह बीहड़ बना हुआ है.

भाकपा-माले ने महादलितों व अन्य गरीबों के घरों को जलाने, उनकी संपत्ति नष्ट कर देने तथा समस्तीपुर में बर्बर पुलिस फायरिंग व एक बच्ची के अपहरण के खिलाफ सोमवार 23 अक्टूबर को खगड़िया-समस्तीपुर बंद का आह्वान किया है. इसी दिन पूरे राज्य में राज्यव्यापी प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.


भाकपा-माले की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित 

First Published on:
Exit mobile version