मुज़फ़्फ़रनगर में गाँव-गाँव बजी डुग्गी, महापंचायत में आंदोलन जारी रखने का ऐलान!

किसानों का जोश देखकर यूपी और केंद्र सरकार बैकफुट पर नज़र आयी। हरियाणा की बीजेपी सरकार ने कई ज़िलों में इंटरनेट बंद कर दिया है। कुल मिलाकर आंदोलन के फैलाव को लेकर प्रशासन चिंतित है। 26 जनवरी को प्रशासन को मिली मनौवैज्ञानिक बढ़त, राकेश टिकैत के आँसुओ में बह गयी लगती है।

26 जनवरी के बाद किसान आंदोलन को बदनाम करने की कोशिशों पर अब किसानों की ओर से जोरदार पलटवार हुआ है। भारतीय किसान युनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत के आह्वान पर आज मुज़फ़्फ़रनगर में महापंचायत हुई जिसमें हजा़रों किसानों ने भाग लिया। टिकैत ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया जिसके बाद बड़ी संख्या में किसान दि्ल्ली बार्डर की ओर कूच कर गये हैं।

 

दरअल, कल शाम को राकेश टिकैत के भावुक होने की ख़बर के बाद से ही किसानों में गुस्से की लहर दौड़ गयी थी। दिल्ली के गाज़ीपुर बार्डर पर डटे राकेश टिकैत ने अशन शुरू कर दिया था और ऐलान किया था कि वे पानी अब तब ही पियेंगे जब उनके गाँव यानी सिसौली से आयेगा। इस ऐलान का जादू की तरह असर हुआ। आज की मुज़फ्फरनगर मापंचायत के लिए गाँव-गाँव डुग्गी पीटी जाने लगी। मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कालेज के मैदान में की जिलों के किसान जुटे। राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व सांसद जयंत चौधरी भी महापंचायत में पहुँचे। सबने एक स्वर में आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।

 

उधर, किसानों का जोश देखकर यूपी और केंद्र सरकार बैकफुट पर नज़र आयी। हरियाणा की बीजेपी सरकार ने कई ज़िलों में इंटरनेट बंद कर दिया है। कुल मिलाकर आंदोलन के फैलाव को लेकर प्रशासन चिंतित है। 26 जनवरी को प्रशासन को मिली मनौवैज्ञानिक बढ़त, राकेश टिकैत के आँसुओ में बह गयी लगती है।

 

 

 

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