बीएचयू के 50 से अधिक शिक्षकों ने नागरिकता संसोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाकर एक वक्तव्य जारी किया है.
इन शिक्षकों ने अपने वकतव्य में कहा है कि बहुत ही दुःख और पीड़ा के साथ हम बीएचयू और बीएचयू आआईआआईटी के शिक्षक यह कहना चाहते हैं कि हाल ही बनाया गया नागरिकता कानून स्वतंत्रता संग्राम और बहुआयामी लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है. और गांधी और टैगोर की भूमि पर यह अस्वीकार्य है.
यह साम्प्रदायिक आधार पर समाज को बांटने का एक प्रयास है, ताकि आम जन के बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके.
दुनिया को प्रगति का मार्ग दिखाने का दावा करने वाले विश्वगुरु की जमीन पर यह एकदम अस्वीकार्य है.
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