पैराडाइज़ पेपर्स: सुभाष चंद्रा ने लोन के लिए जिंदल वसूली कांड को छुपा लिया, लेकिन पकड़े गए!

ज़ी न्‍यूज़ चलाने वाले एस्‍सेल समूह के मालिक और भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुभाष चंद्रा का भी पैराडाइज़ पेपर्स से लेना-देना है। दि इंडियन एक्‍सप्रेस की ख़बर के मुताबिक ऐपलबी ने एक ओर तो यह माना है कि सुभाष चंद्रा की कंपनियों के ब्राजीली और चीनी ग्राहकों को लोन सहज करवाने के लिए उसने सेवाएं दी थीं, लेकिन ऐपलबी के आंतरिक मेमो में सुभाष चंद्रा पर कुछ सवाल उठाए गए थे।

पैराडाइज़ पेपर्स से पता चलता है कि मार्च 2014 में ऐपलबी का एक आंतरिक मेमो कहता है, ”कृपया ध्‍यान दें कि विषय (चंद्रा) ने अनुपालन प्रपत्र के प्रश्‍न संख्‍या 6 का जवाब नहीं में देकर गलत घोषणा की है। प्रश्‍न यह था: ”क्‍या आप पर कभी कोई न्‍यायिक या अन्‍य आधिकारिक जांच हुई है?” इस सवाल के संबंध में ऐपलबी के अनुपालन विभाग ने दो समाचार रिपोर्टों की पीडीएफ प्रति संलग्‍न की थी। एक ख़बर थी: “Jindal extortion case: “Chargesheet filed against Subhash Chandra and two Zee editors”. दूसरी ख़बर थी “Zee vs Jindal: Court rejects Chandra’s plea for modification of order”.

साल भर बाद अगस्‍त 2015 में बाकर्लेज़ बैंक ने वेरिया नाम की कंपनी के फंडिंग के स्रोतों और उसके मुख्‍य लाभार्थी का प्रमाण ऐपलबी से मांगा था। बैंक ने ऐपलबी से एक प्रमाण पत्र भी मांगा था कि उसे ”अपने ग्राहक की ऐसी किसी भी गतिविधि का ज्ञान नहीं है” जो ”यह संदेह पैदा कर सके कि ग्राहक किसी आपराधिक कृत्‍य या हवाला की लेनदेन में शामिल रहा है”।

ऐपलबी ने ऐसा कोई प्रमाण पत्र बार्कलेज़ को देने के खिलाफ फैसला किया। ऐपलबी फिड्यूशियरी बिजनेस (बरमूडा) के तत्‍कालीन प्रबंध निदेशक रोरी गोरमैन ने एक ईमेल लिखा कि उन्‍हें ”आपत्ति है और वे संलग्‍न आवेदन पत्र पर दस्‍तखत करने को तैयार नहीं हैं।” उनके सहयोगी एलिसन, जो कि ऐपलबी लॉ (बरमूडा) में पार्टनर थे, उनके हवाले से कहा गया है, ”मुझे नहीं लगता कि हमें ये करना चाहिए। मैं रोरी से सहमत हूं।”

लोन के लिए ”गलत घोषणा” करने के संबंध में सुभाष चंद्रा से किए गए सवाल का जवाब ईमेल से इंडियन एक्‍सप्रेस को मिला, ”हम ऐपलबी के किसी भी गुप्‍ता रिकॉर्ड के बारे में नहीं जानते और वास्‍तव में किसी को भी ऐसे दस्‍तावेज की गुप्‍त जानकारी नहीं होनी चाहिए जो एक लॉ फर्म और उसके ग्राहकों के बीच अत्‍यंत गोपनीय होते हैं। अगर आप या किसी के पास भी ऐसा कोई दस्‍तावेज हैं जो आपने गोपनीयता का अतिक्रमण किया है जिसके ऐपलबी और आप/आपकी फर्म को परिणाम चुकाने होंगे।” इस संबंध में रोरी गोरमैन व एलिसन ने ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया।


दि इंडियन एक्‍सप्रेस से साभार

 

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