‘नफ़रती ट्रंप’ को फटकारने वाले पत्रकार की पोस्ट 10 लाख लोगों ने शेयर की !

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के वही आग-उगालू नेता हैं जो रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं। उनकी पहचान ख़ासतौर पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ ज़हरीले भाषणों से है, जिसे निशाना बनाते हुए Humans of New York के संस्थापक पत्रकार Brandon Stanton ने एक पोस्ट लिखी है। इस पोस्ट पर 20 लाख से ज़्यादा लाइक, 10 लाख से ज़्यादा शेयर और लगभग 64 हज़ार कमेंट्स हैं। इस पोस्ट ने फेसबुक के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। Humans of New York के पेज पर जाकर अंग्रेज़ी में और हिंदुस्तानी में यहाँ उनकी पोस्ट पढ़ सकते हैं। अऩुवाद पत्रकार शाहनवाज़ मलिक का है। 

 

                                                  
प्रिय ट्रंप,

मैंने बहुत कोशिश की कि मैं राजनीतिक ना होऊँ। मैंने आपके बहुत सारे साथी उम्मीदवारों का इंटरव्यू करने से मना कर दिया। इस विवादित चुनाव में किसी का पक्ष लेकर मैं निजी साख़ को दांव पर नहीं लगाना चाहता था। मुझे लगा, ‘शायद वक़्त सही नहीं है’ लेकिन अब यही महसूस किया है कि हिंसा और पूर्वाग्रह की भर्त्सना का इससे बेहतर कोई समय नहीं है। यही वो समय है क्योंकि लाखों अमरीकी नागरिकों की तरह, मैंने भी ये महसूस किया है कि आपका विरोध अब एक राजनीतिक मामला नहीं है। ये एक नैतिक सवाल है।

मैंने देखा है कि आप नस्लवादी तस्वीरें शेयर करते हैं। मैंने देखा है कि आप नस्लवादी झूठ फैलाते हैं। मैंने देखा है कि आप ख़ुशी-ख़ुशी हिंसा को प्रोत्साहित करते हैं। ऐसे लोगों की कानूनी फीस भरने का वादा करते हैं जो आपकी तरफ से हिंसा करें। मैंने देखा है कि आप आतंकवादियों के घरवालों के लिए यातना और उनकी हत्या का समर्थन करते हैं। मैंने देखा है कि आप सुअर के खून में डुबोकर मुसलमानों को मारी गई गोलियों की कहानियां ख़ुशी-ख़ुशी सुनाते हैं। मैंने देखा है कि आप शरणार्थियों की तुलना सांप से करते हैं और दावा करते हैं कि इस्लाम हमसे नफ़रत करता है।

प्रिय ट्रंप, मैं एक पत्रकार हूं। पिछले दो साल में मैंने सैकड़ों मुसलमानों का इंटरव्यू किया है। ईरान, ईराक और पाकिस्तान की गलियों-सड़कों पर बिना सोचे-समझे इंटरव्यू के लिए उनका चुनाव किया है। सीरिया और इराक़ के शरणार्थियों का इंटरव्यू करने के लिए मैंने सात देशों का दौरा किया है। इसके बाद मैं दावा कर सकता हूं कि नफ़रत से भरे आप हैं, वो नहीं।

हममें से जो भी सावधान हैं, वो आपको आपकी दुकान चमकाने की इजाज़त नहीं देंगे। आप एक यूनिफायर नहीं है। आप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नहीं है। आप उस गुस्से का शिकार नहीं हैं जिसे कुछ महीनों में आपने चटखारे लेकर भड़काया है। आप एक ऐसे आदमी हैं जिसने ताक़त हासिल करने के लिए पूर्वाग्रह और हिंसा को प्रोत्साहित किया है। और हां, अगले कुछ महीनों में आपकी भाषा यक़ीनन बदल जाएगी लेकिन आप हमेशा वही cialisfrance24.com रहेंगे जो अभी हैं।

आपका
ब्रैंडन स्टेनटन

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