यूपी: सरकारी अस्पताल के वॉर्मर मशीन में ज़िंदा जला नवजात मौत, स्टाफ व्यस्त था मोबाइल में!

उत्तर प्रदेश में कौशांबी के सरकारी जिला अस्पताल से स्टाफ की बेहद लापरवाही भरी घटना सामने है। जिससे नवजात की दर्दनाक मौत हो गई है। सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में एक नवजात शिशु वॉर्मर मशीन के हीटिंग पैड पर जिंदा जल गया। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन के हाथ पैर कांप गए। इस घटना ने परिजनों के साथ सभी को हिला कर रख दिया।

पूरा मामला..

जुनैद अहमद नाम के शख्स ( नवजात के पिता) फतेहपुर के हरिश्चंद्रपुर गांव के रहने वाले है। उन्होंने अपनी पत्नी मेहिलिका को 14 अगस्त को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उनकी डिलिवरी होने वाली थी। शाम 6.15 बजे मेहिलिका ने बेटे को जन्म दिया। परिजन घर आए नन्हे सदस्य से काफी खुश थे। उन्हें लगा डिस्चार्ज कराकर घर चले जाएंगे, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ नही है। इसलिए उसे SNCU वार्ड में शिफ्ट करना होगा। बच्चे को वार्ड में शिफ्ट कराया गया और रात भर किसी भी परिवार के सदस्य को नवजात के पास नहीं जाने दिया।

जब रविवार सुबह शबाना ( नवजात की नानी) बच्चे को देखने गई तो उसका शरीर पूरी तरह से नीला पड़ चुका था। वॉर्मर मशीन का हीटिंग पैड इतना ज्यादा गर्म हो गया की उससे बच्चे का सीने और पेट का हिस्सा फट रहा था और उसके शरीर से धुआं निकल रहा था। जिसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गई। इस घटना की फौरन डॉक्टर्स को सूचना दी है लेकिन जब तक चीफ मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. दीपक सेठ और SNCU के ड्यूटी डॉक्टर्स वार्ड में पहुंचे, तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।

मोबाइल पर बिजी था स्टाफ..

इस वारदात के बाद परिजनों का गुस्सा अस्पताल प्रशासन पर फूटने लगा और जम कर हंगामा हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि SNCU वार्ड का स्टाफ मोबाइल पर बिज़ी था। उन्होंने बच्चे पर ध्यान ही नहीं दिया। जिससे उनका बच्चा मशीन में जिंदा जल गया। घटना की जानकारी मिलने पर मंझनपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को किसी तरह शांत कराया।

 

 

लापरवाही की पहली घटना नही..

हैरानी की बात है की स्टाफ एक जिंदा बच्चे को वॉर्मर मशीन में छोड़ कर फोन में बिज़ी हो गया। इससे अस्पताल की व्यवस्था और लापरवाहियों की पोल खुलती है की अस्पताल में मरीजों की कितनी देखभाल होती होगी। जब एक छोटे बच्चे को लेकर ऐसी लापरवाई बरती गई तो बाकी मरीजों को लेकर कैसी व्यवस्था की उम्मीद की जाए ? इस घटना को लेकर जब पिता जुनैद ने एक डॉक्टर से सवाल किए तो डॉक्टर कहा- “माफ कर दीजिए गलती हो गई।” क्या लापरवाही की यह गलती इतनी छोटी है? पुलिस नवजात के पिता जुनैद अहमद की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है।

एक तरह जहां देश में कोरोनाकाल के दौरान लोग डॉक्टरों के काम को सलाम कर रहे थे वहीं दुसरी तरफ सोशल मीडिया पर कई ऐसी वीडियो भी वाइरल हो रही थी जिसमे लोग अस्पताल प्रशासन की लापरवाही उजागर करते दिख रहे थे। कौशांबी की यह घटना पहली नही है। सरकारी और निजी अस्पतालों की लापरवाही भरी कर्तूतों के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। लेकिन कोई कठोर एक्शन न होने से घटनाएं दोहराई जाती हैं।

 

 

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