पत्‍नी के साथ जबरन सेक्‍स उसकी निजता में घुसपैठ और क्रूरता है: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि पत्नी से जबरन प्राकृतिक या अप्राकृतिक सेक्स उसकी निजता का हनन और क्रूरता है.

जस्टिस शशिकांत गुप्ता और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने एक महिला द्वारा दायर तलाक की याचिका पर जिला अदालत के एक आदेश को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें तलाक की अनुमति दी गई थी.

पीड़ित पत्नी ने अपनी याचिका में कहा था कि उसके पति ने उनकी मर्जी के खिलाफ़ जबरदस्ती और क्रूरता के साथ अपनी हवस की भूख मिटाने के लिए अप्राकृतिक तरीके से सम्बन्ध बनाए.

पत्नी द्वारा दायर तलाक की याचिका के खिलाफ़ पति द्वारा दायर की गई अपील में न्यायालय की खंडपीठ ने केरल उच्च न्यायालय द्वारा बीनी टी जान बनाम साजी कुरुविला के मामले में दिए गये फैसले का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि अप्राकृतिक यौन संबंध वैवाहिक सम्बन्ध को ख़त्म करने का आधार है.

पूरा फैसला नीचे पढ़ा जा सकता है:

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