दिल्ली चुनाव: केजरीवाल ने भरा नामांकन, JDU में खींचतान, कांग्रेस की अंतिम सूची जारी

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आज नामांकन भरने के आखिरी दिन मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को अपना नामांकन भरने के लिए घंटों इंतज़ार करना पड़ा. कल वे अपना नामांकन नहीं भर पाए थे और आज जब नामांकन भरने पहुंचे तो उन्हें घंटों इंतज़ार करना पड़ा. इसको लेकर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वे केजरीवाल को नामांकन भरने से रोकने के लिए ऐसा किया.

आज अरविन्द केजरीवाल  सहित अन्य उम्मीदवारों ने अपना-अपना नामांकन दाखिल कर दिया. इसी के साथ आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है और आज नामांकन की तारीख पूरी हुई.

छह घंटे के इंतजार के बाद आया केजरीवाल का नंबर, नामांकन दाखिल किया. वह दोपहर करीब 12 बजे नामांकन के लिए जामनगर हाउस पहुंचे थे, लेकिन अन्य उम्मीदवारों की भीड़ की वजह से उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा. हालांकि आप नेताओं ने इसे भाजपा की साजिश करार देते हुए कहा कि केजरीवाल को नामांकन से रोकने के लिए ऐसा किया जा रहा है.

इससे पहले आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा- करीब 35 उम्मीदवार बिना उचित नामांकन दस्तावेज के आरओ ऑफिस में बैठे हैं. वे इस बात पर अड़े हैं कि उनके दस्तावेज पूरे होने के बाद नामांकन दाखिल करेंगे. ये लोग सीएम केजरीवाल को नामांकन दाखिल नहीं करने दे रहे हैं. इन सबके पीछे भाजपा है.

नामांकन के लिए केजरीवाल के लंबा इंतजार करने को लेकर आप ने भाजपा को निशाना बनाया है. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल को पर्चा भरने से रोका जा रहा है. लेकिन भाजपा की साजिश कामयाब नहीं होगी.

वहीं आम आदमी पार्टी के सतेन्द्र जैन, दिलीप पांडेय ने भी सहित कुछ अन्य नेताओं ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. सतेन्द्र जैन शकूर बस्ती से चुनाव लड़ेंगे.

दिलीप पांडेय तिमारपुर से मैदान में हैं.

वहीं, टिकट नहीं दिए जाने से नाराज आम आदमी पार्टी विधायक सुरेंदर सिंह ने मंगलवार को ट्विटर कर कहा कि मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने लिखा कि आज मैं बहुत दुखी हूं, इसलिए इस्तीफा दे रहा हूं. मालूम हो कि टिकट के लिए पार्टी की तरफ से इंकार किए जाने के बाद सुरेंदर सिंह ने कहा था कि वो या तो किसी दूसरी पार्टी से या फिर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे.

वहीं बीजेपी की पहली सूची में नाम न आने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए तजिंदर पाल सिंह बग्गा को बीजेपी ने हरिनगर विधानसभा सीट से टिकट दिया है.

गांधी नगर से भाजपा उम्मीदवार अनिल वाजपेयी ने गीता कॉलोनी स्थित एसडीएम कार्यालय में नामांकन दाखिल किया. अनिल वाजपेयी आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा में आए हैं. आप से भाजपा में चले जाने के बाद इन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था. अनिल वाजपेयी 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर गांधी नगर से विधायक चुने गए थे. इसबार वह भाजपा उम्मीदवार के तौर पर यहां से चुनाव लड़ रहे हैं.

आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की सूची में 46 सीट पर मौजूदा विधायक चुनाव लड़ेंगे 15 मौजूदा विधायकों की जगह और 9 खाली सीटों पर नए चेहरे होंगे. इनमें 8 महिलाएं हैं.

इस बार चुनाव में आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी और कांग्रेस ने अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव- 2020  के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जनता दल युनाइटेड और लोक जनशक्ति पार्टी के साथ गठबंधन के बाद सभी 70 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान कर दिया है।

इस गठबंधन के तहत बीजेपी खुद 67 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि दो सीटों पर जदयू  और एक सीट पर एलजेपी चुनाव लड़ेगी. इससे पहले जहां भाजपा ने 17 जनवरी को 57 सीटों पर प्रत्याशियों का एलान किया था, वहीं सोमवार देर रात दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बाकी बची 10 सीटों पर भी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी. इसके तहत नई दिल्ली विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सुनील यादव भाजपा के प्रत्याशी होंगे.

गठबंधन के तहत भाजपा ने दिल्ली की दो सीटें जदयू के लिए छोड़ी है. इनमें संगम बिहार और बुराड़ी की सीटें हैं, वहीं एक सीट लोजपा को दी है.

दिल्ली चुनाव में बीजेपी को सबसे बड़ा धक्का तब लगा जब नागरिकता संशोधन कानून में मुसलमानों को शामिल करने की अकाली दल की मांग के कारण यहां दोनों का गठबंधन टूट गया है. ऐसे में उसे एलजेपी और नीतीश का साथ मिला है.

गठबंधन पर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव पवन वर्मा ने सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि मैंने खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर इस गठबंधन के बारे में पूछा है. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब देश भर में नागरिकता कानून, एनआरसी और एनपीआर को लेकर लोग केंद्र सरकार से आक्रोशित हैं, तो दिल्ली चुनाव के लिए पार्टी ने भाजपा से हाथ मिलाने का फैसला कैसे लिया.

अरविंद केजरीवाल ने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया कि एक तरफ भाजपा, जदयू, लोजपा, जजपा, कांग्रेस और राजद. दूसरी तरफ स्कूल, अस्पताल, पानी, बिजली, फ्री महिला यात्रा और दिल्ली की जनता. मेरा मकसद है भ्रष्टाचार को हराना और दिल्ली को आगे ले जाना. वहीं, उन सब का मकसद है, मुझे हराना.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी 7 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. इनमें आम आदमी पार्टी से बाहर हुए कमांडों सुरेन्द्र सिंह भी शामिल हैं.कमांडो सुरेंद्र सिंह को दिल्ली कैंट से टिकट मिला है.

कांग्रेस ने भी आज अपने उम्मीदवारों की आखिरी सूची जारी कर दिया है. इसमें ओखला विधानसभा सीट से परवेज हाशमी, बिजवासन से प्रवीण राणा, महरौली से मोहिंदर चौधरी, मादीपुर से जयप्रकाश पवार और विकास पुरी से मुकेश शर्मा को टिकट दिया गया है.

हरियाणा के उप मुख्यमंत्री व जननायक जनता पार्टी (जजपा) प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी.

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के मद्देनजर मंगलवार को नामांकन करने का अंतिम दिन है, इसलिए देर शाम तक नामांकन प्रक्रिया जारी है.



 

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